उत्तरजीविता लाभ:
पॉलिसी में निर्धारित अवधि के अंत तक बीमित व्यक्ति के जीवित रहने और निम्न स्थिति में पॉलिसी के पूरी तरह जारी रहने पर देय है:
12 वर्षों की अवधि वाली पॉलिसी के लिये
प्रत्येक 4 थे एवं 8 वें पॉलिसी वर्ष के अंत में मूल योजना के तहत बीमित राशि का 15%
16 वर्षों की अवधि वाली पॉलिसी के लिये
प्रत्येक 4 थे, 8 वें एवं 12 वें पॉलिसी वर्ष के अंत में मूल योजना के तहत बीमित राशि का 15%
20 वर्षों की अवधि वाली पॉलिसी के लिये
प्रत्येक 4 थे, 8 वें, 12 वें एवं 16 वें पॉलिसी वर्ष के अंत में मूल योजना के तहत बीमित राशि का 10%.
पॉलिसी अवधि की समाप्ति पर:
चुकाये गये प्रीमियमों (अतिरिक्त/ वैकल्पिक राइडर प्रीमियमों, यदि हों, के अलावा) और निष्ठा जोड़, यदि हों, की कुल राशि, पहले दिये जा चुके उत्तरजीविता लाभ की राशि घटाकर
मृत्यु लाभ
पॉलिसी अवधि के दौरान
प्रदत्त जीवन सुरक्षा के शक्ति में रहते पॉलिसी अवधि के दौरान बीमित व्यक्ति की मृत्यु होने पर मूल योजना के तहत बीमित रकम राशि का भुगतान.
विस्तारित अवधि के दौरान:
विस्तारितत अवधि के दौरान आजीवन बीमित व्यक्ति की मृत्यु होने पर मूल योजना के तहत बीमित रकम के 50% के बराबर राशि का भुगतान, यदि पॉलिसी के तहत सभी प्रीमियमों को चुका दिया गया हो.
विस्तारित अवधि:
पॉलिसी अवधि की समाप्ति के बाद विस्तारित अवधि पॉलिसी अवधि की आधी होगी.
वैकल्पिक राइडर लाभ:
दुर्घटना लाभ राइडर बीमित रकम के प्रति हज़ार पर 1 रु. की दर से प्रीमियम चुकाने पर दुर्घटना लाभ एक वैकल्पिकलाभ के रूप में उपलब्ध हो सकेगा. मूल योजना के तहत भारतीय जीवन बीमा निगम तथा अन्य बीमा कंपनियों के साथ ली गई व्यक्तिगत और सामूहिक योजनाओं के तहत आजीवन बीमित व्यक्ति की सभी पॉलिसियों तथा प्रतिफल में बीमित रकम की कुल सीमा 50लाख रु. से अधिक नहीं होगी और नये प्रस्ताव के तहत दुर्घटना लाभ राइडर की रकम विचाराधीन है. यह राइडर लाभ केवल पॉलिसी अवधि के दौरान उपलब्ध है, लेकिन विस्तारित अवधि के दौरान उपलब्ध नहीं है.
यह राइडर पुलिस सेवा अथवा किसी मिलिट्री, नौसेना या पुलिस संस्थानों में कार्यरत आजीवन बीमित लोगों के लिये दुर्घटना राइडर बीमित रकम के प्रति हज़ार पर 0.50 रु. की दर से एक अतिरिक्त प्रीमियम के भुगतान पर उपलब्ध हो सकेगा.
दुर्घटनाजन्य मृत्यु एवं अपंगता हितलाभ:
दुर्घटनवश मृत्यु होने पर दुर्घटना लाभ राइडर बीमित रकम के बराबर एक अतिरिक्त राशि देय है. दुर्घटना के कारण संपूर्ण और स्थायी अपंगता पर (दुर्घटना की तिथि के 180 दिनों के अंदर) दुर्घटना लाभ राइडर बीमित रकम के बराबर राशि दस वर्षों की अवधि तक मासिक किश्तों में देय होगी.
दुर्घटना में आयी विकलांगता संपूर्ण और ऐसी होनी चाहिये कि बीमित व्यक्ति आजीविका कमाने के लिये कोई काम करने में सक्षम न रहे. दुर्घटनावश आयी निम्नलिखित विकलांगता स्थिति में लाभ मिलता है:
क) दोनों आंखों की रोशनी का पूरी तरह चला जाना, जो वापस न आ सकती हो, या
ख) दोनों हाथों का कलाइयों या उनके ऊपर से कट जाना, या
ग) दोनों पैरों का टखनों या उसके ऊपर से कट जाना, या
घ) एक हाथ का कलाई या उसके ऊपर से और एक पैर का टखने या उसके ऊपर से कट जाना.
कोई भी लाभ देय नहीं होगा, यदि मृत्यु या विकलांगता इन मामलों में हुई दुर्घटना के चलते हुयी हो:
क) जानबूझ कर खुद को चोट पहुंचाने, आत्महत्या का प्रयास करने, मानसिक विक्षिप्तता या अनैतिकता या बीमित व्यक्ति के शराब के नशे या नशीली दवाईयों के नशे में होने पर
ख) विमान यात्री के रूप में यात्रा करने के अलावा उड्डयन या वैमानिकी संबंधी कामों में लिप्त होने पर
ग) दंगों या नागरिक विक्षोभ, बगावत, युद्ध, आक्रमण, शिकार, पर्वतारोहण, किसी का पीछा करते हुए या किसी भी दौड़ में भाग लेते हुये
घ)किसी भी तरह का गै़र कानूनी कार्य करते समय होने वाली दुर्घटना
ङ) सशस्त्र बलों या सैन्य सेवाओं या पुलिस संगठन में कार्य करते समय हुयी दुर्घटना
स्वत: सुरक्षा सुविधा
इस पॉलिसी में यदि कम से कम दो पूर्ण वर्षों के प्रीमियमों का भुगतान किया जा चुका हो और परवर्ती प्रीमियम विधिवत नहीं चुकाये गए हों, तो पहली बकाया प्रीमियम (एफ यू पी) की तिथि से दो वर्षों की अवधि के लिये अथवा पॉलिसी अवधि के अंत तक, जो भी पहले हो, पूर्ण मृत्यु सुरक्षा जारी रहेगी.
पेड- अप मूल्य:
इस पॉलिसी के अंतर्गत यदि कम से कम तीन पूर्ण वर्षों के प्रीमियमों का भुगतान करने के बाद, कोई परवर्ती प्रीमियम विधिवत नहीं चुकाया गया हो, तो यह पॉलिसी पहली बकाया प्रीमियम (एफ यू पी) की देय तिथि से दो वर्षों की स्वत: सुरक्षा अवधि की समाप्ति के बावजूद पूरी तरह अवैध नहीं होगी, बल्कि पहले चुकता किये गये उत्तरजीविता लाभ, यदि हो, को घटाकर कुल चुकता प्रीमियमों (किसी अतिरिक्त/ वैकल्पिक प्रीमियम के अलावा) के बराबर राशि के लिये पेड- अप पॉलिसी के रूप में जीवित रहेगी. इस राशि को पेड- अप मूल्य कहा जाता है. यह पेड- अप मूल्य पॉलिसी अवधि की समाप्ति अथवा बीमित की असामयिक मृत्यु पर देय होगा. पेड- अप पॉलिसियों के तहत कोई उत्तरजीविता लाभ देय नहीं होगा. पॉलिसी, इसके बाद, इसमें उल्लेखित प्रीमियमों के भुगतान के सभी दायित्वों से मुक्त हो जायेगी.
पॉलिसी निरस्त होने की स्थिति में दुर्घटना लाभ राइडर का जारी रहना समाप्त हो जायेगा. स्वत: सुरक्षा अवधि के दौरान भी, दुर्घटना लाभ राइडर उपलब्ध नहीं होंगे. पेड- अप पॉलिसियों के मामले में विस्तारित अवधि सुरक्षा उपलब्ध नहीं होगी.
ज़मानती समर्पण मूल्य:
ज़मानती समर्पण मूल्य कम से कम तीन पॉलिसी वर्षों के पूर्ण होने तथा कम से कम तीन पूर्ण वर्षों का प्रीमियम चुकता कर देने के बाद उपलब्ध होगा. ज़मानती समर्पण मूल्य कुल भुगतान किये गये प्रीमियमों की कुल राशि के 30 प्रतिशत के बराबर होगा, जिसमें पहले पॉलिसी वर्ष के प्रीमियमे, सभी अतिरिक्त प्रीमियम, दुर्घटना लाभ राइडर के प्रीमियम तथा उत्तरजीविता लाभ शामिल नहीं होंगे.
अन्य लाभ:
यह योजना निम्नांकित लाभों के प्रस्ताव देती है
कर्ज़: इस योजना के तहत पॉलिसी के पेड- अप मूल्य प्राप्त कर लेने के बाद कर्ज़ सुविधा उपलब्ध है. कर्ज़ की राशि पर लगायी जाने वाली ब्याज दर निगम द्वारा समय समय पर निर्धारित की जाती है. वर्तमान में ब्याज की दर ९ प्रतिशत वार्षिक है, जो अर्द्धवार्षिक रूप से देय है.
अनुकंपा अवधि: अनुकंपा अवधि वार्षिक, अर्द्धवार्षिक या त्रैमासिक प्रीमियमों के लिये एक महीना, लेकिन 30 दिनों से कम नहीं तथा मासिक प्रीमियमों के लिये 15 दिनों की अनुमति होगी.
पुनर्जीवीकरण: बीमा का जारी रखने के संतोषजनक प्रमाण प्रस्तुत करके तथा पहले बकाया प्रीमियम की देय तिथि से पांच वर्षों की अवधि के अंदर ब्याज सहित बकाया प्रीमियमों का भुगतान करके, एक निरस्त पॉलिसी पुनर्जीवित की जा सकती है. इस पर लागू होने वाले ब्याज की दर निगम द्वारा समय समय पर लिये गये निर्णय के अनुरूप होगी.
कूलिंग-ऑफ अवधि: यदि आप पॉलिसी के 'नियमों एवं शर्तों' से संतुष्ट नहीं हैं, तो आप 15 दिनों के अंदर पॉलिसी हमें लौटा सकते हैं.