समूह अवकाश नकद भुगतान योजना
 
अवकाश का नकद भुगतान योजना

बहुत से नियोक्ता अपने कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के दूसरे लाभों के साथ अवकाश के बदले नकद लाभ देते हैं, जो कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति, मृत्यु, विकलांगता या ऐच्छिक सेवानिवृत्ति पर कर्मचारियों या उनके आश्रितों को एकमुश्त देय होता है.

अवकाश के नकद भुगतान की निधितता:

साल के अंत में कर्मचारियों बकाया अवकाश के बदले नकद भुगतान कंपनियों की बड़ी देनदारी साबित हो सकती है. इसी तरह चिकित्‍सकीय अवकाश के बदले नकद भुगतान भी बड़ी देनदारी साबित हो सकता है. उद्यमियों- व्यापारियों की इस आवश्यकता को पूरा करने के लिये एलआईसी ने समूह अवकाश नकद भुगतान योजना शुरू की है. एक सालाना प्रीमियम का भुगतान करें, अपने अवकाश नकद भुगतान देनदारी की निधितता करें और अपनी चिंताओं को एलआईसी पर छोड़ दें.

देनदारी की प्रकृति:

देय रकम कर्मचारी के नौकरी छोड़ते समय उसके बकाया अवकाश और उनकी तनख्‍वाह पर निर्भर होती है. यह देनदारी बढ़ती जाती है क्योंकि यह वेतन और अवकाश की स्थिति पर निर्भर करती है.

कंपनी अधिनियम 1965 के संशोधित अनुच्छेद 209 और अकाउंटिंग स्टैंडर्ड (ए एस- 15 ) दिनांक जनवरी 1995 के तहत नियोक्ताओं के लिये अवकाश नकद भुगतान सुविधा का, अगर इस तरह की सुविधा कर्मचारियों को दी जाती है, तो इसका लेखा तैयार करना और उसे अपने सालाना खाते में दिखाना अनिवार्य है. इसलिये कंपनियों के लिये आवश्यक है कि अगर वह अवकाश नकद भुगतान सुविधा प्रदान करती हैं, तो उसकी देनदारियों को सुनिश्चित करायें और अपने सालाना आय-व्यय के लेखे-जोखे में उसे दर्ज करें. इससे नियोक्ताओं को अपनी सेवाओं और उत्पादों की असली लागत तय करने का मौका मिलता है.

योजना की विशेषताएं:

एलआईसी की समूह अवकाश नकद भुगतान योजना (जीएलईएस) अवकाश नकद भुगतान देनदारियों की निधितता में नियोक्ताओं की मदद करती है. इस योजना की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:

  1. कंपनी एलआईसी को कर्मचारियों से संबंधित ब्यौरे और अवकाश के नकद भुगतान के नियमों की जानकारी देगी. एलआईसी बीमांकित मूल्यांकन करेगा और निधितता आवश्यकताओं का आकलन करके कंपनी को उसकी दरें बतायेगा. कंपनी एलआईसी की सलाह पर उस कोष में योगदान करेगी.
  2. एलआईसी एक वर्षीय नवीनीकरण योग्‍य सावधि बीमा योजना के तहत हर कर्मचारी को एक सार या पद क्रमानुसार बीमा सुरक्षा कवच प्रदान करेगा. निधितिता के लिये देय अंशदान के अतिरिक्त एक छोटी अवधि बीमा प्रीमियम भी देय होगी.
  3. इस योजना के तहत एक चालू खाता चलाया जायेगा और (सावधि बीमा प्रीमियमों को छोड़ कर) अंशदान की रकम इस खाते में जमा की जायेगी और सावधि बीमा दावों को छोड़कर शेष दावों की निपटारा इसी खाते से किया जायेगा. वित्तवर्ष के अंत में एलआईसी की ओर से समय-समय पर घोषित ब्याज दर पर अर्जित ब्याज उस खाते में जमा किया जायेगा.

लाभ

  1. किसी कर्मचारी के कंपनी छोड़ते समय या नौकरी पर रहते हुए अवकाश के भुगतान की मांग करने पर एलआईसी की ओर से चलाये जाने वाले इस खाते से उस का भुगतान किया जायेगा.
  2. कर्मचारी की मृत्यु पर उसके परिवार वालों को उसके अवकाश के नकद भुगतान लाभ के साथ-साथ बीमा सुरक्षा की रकम भी देय होगी और वह कर मुक्त होगी.
  3. भारतीय जीवन बीमा निगम बीमांकित मूल्यांकन करेगा और ए एस- 15 के तहत आवश्यक प्रमाण पत्र देगा.
  4. जीवन बीमा सुरक्षा के लिये भरी गयी सावधि बीमा प्रीमियमों की रकम नियोक्ता का व्यापारिक खर्च मानी जायेगी.