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समूह बचत से जुड़ी बीमा योजना
महानगरीय शहरों में काम करने वाले लोग, अपनी दिन प्रतिदिन की गतिविधियों में घिरे हुये, जहां मुद्रास्फ़ीति तय है, अपने परिवारों को पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराना मुश्किल पाते हैं, वहीं बड़ी बीमा प्रीमियमों वाला व्यक्तिगत बीमा पर्याप्त बीमा सुरक्षा उपलब्ध नहीं कराता. नौकरी के दौरान उनकी बीमा सुरक्षा की आवश्यकता, निश्चिंत सेवानिवृत्त जीवन के लिये पर्याप्त बचत के साथ दोहरी होकर अधूरी रह जाती है. इसी को ध्यान में रखते हुये एलआईसी बेहद कम कीमत पर बीमा योजना के साथ एक आकर्षक समूह बचत से जुड़ी बीमा योजना लेकर सामने आया है. केंद्र सरकार भी कुछ साधारण बदलावों के साथ ऐसी ही योजना चला रही है. सह- शासकीय संगठनो, सार्वजनिक क्षेत्र के संगठन और बड़े निजी व्यापारिक घराने तथा औद्योगिक उद्यमी भी इस योजना को ला रहे हैं, जिसकी प्रमुख विशेषताएं निम्नानुसार हैं:
1) योजना के उद्देश्य:
- कम लागत पर व्यक्तिगत स्वास्थ्य का प्रमाण दिये बिना सुरक्षा.
- सेवानिवृत्ति के बाद की ज़रूरतों को पूरा करने के लिये बचत पर आकर्षक प्राप्तियां.
- एक ही छत के नीचे एक बड़े समूह को जीवन सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिये
2) योजना का परिचय:
अ) यह योजना नियोक्ता द्वारा कुछ प्रतिशत कर्मचारियों की योजना में शामिल होने की इच्छा के आधार पर शुरू की जा सकती है.
ब) कंपनी के नये कर्मचारियों के लिये योजना की सदस्यता अनिवार्य है.
3) प्रीमिया:
यह समूह के आकार और समूह के व्यवसाय के आधार पर तय किया जाता है. प्रीमियम के दो घटक हैं, जोखिम प्रीमियम और बचत प्रीमियम. जोखिम प्रीमियम का उपयोग जीवन रक्षा बीमा देने हेतु किया जाता है और बचत प्रीमियम सदस्यों के खाते में एकत्र होती है.
4) दुर्घटना लाभ:
अतिरिक्त प्रीमियम हेतु बीमित रकम की सीमा तक दोगुने दुर्घटना लाभ की अनुमति है.
5) बचत पर ब्याज:
प्रीमियम के बचत अंश पर अनुमोदित वर्तमान ब्याज दर वार्षिक रुप से 8 प्रतिशत संयुक्त है.
6) योजना में शामिल होने की पात्रता:
कोई भी कर्मचारी अपने स्वास्थ्य की वर्तमान स्थिति के निरपेक्ष योजना में शामिल होने के लिये पात्र है, जो निश्चित शर्तों के अधीन है. बीमा-योग्यता की सिर्फ एक शर्त है कि कर्मचारी को योजना की प्रारंभ दिनांक पर चिकित्सकीय आधार पर अनुपस्थित नहीं होना चाहिये. सभी कर्मचारी, जिन्होंने सेवा-निवृत्ति की आयु पार नहीं की है, वे योजना में शामिल होने के पात्र हैं. सभी भावी कर्मचारियों को योजना में शामिल होना आवश्यक है.
7) कर लाभ:
कर्मचारियों का कुल अंशदान, बचत साथ ही साथ जोखिम प्रीमियम, आयकर अधिनियम की धारा 80 सी के तहत आय-कर छूट का पात्र है. सेवा-निवृत्ति पर या सेवा त्यागने पर या मृत्यु पर देय उपार्जित ब्याज समेत संपूर्ण दावा राशि आयकर से मुक्त है. नियोक्ता द्वारा बीमा सुरक्षा के लिये भुगतान किये गये प्रीमियम से व्यवसायिक व्यय के रुप में व्यवहार किया जाता है.
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