मृत्यु लाभ :
तालिका क्रमांक 88: बीमित की मृत्यु पर मूल रकम की दोगुनी राशि सभी बोनसों समेत एकमुश्त देय होती है.
तालिका क्रमांक 133: तालिका क्रमांक 133: बीमित की मृत्यु पर मूल रकम की तिगुनी राशि सभी बोनसों समेत एकमुश्त देय होती है.
परिपक्वता लाभ :
पॉलिसी अवधि के अंत तक जीवित रहने पर परिपक्वता दिनांक पर सभी बोनसों सहित बीमित रकम एकमुश्त देय होती है.
सहयोगी/ अतिरिक्त लाभ :
ये वैकल्पिक लाभ हैं, जो अतिरिक्त सुरक्षा/ विकल्प के रुप में आपकी मूल योजना में जोडे जा सकते हैं. इन लाभों के लिये एक अतिरिक्त प्रीमियम भरना ज़रूरी होती है.
समर्पण मूल्य :
जीवन बीमा अनुबंध खरीदना एक दीर्घकालिक संकल्प होता है. बहरहाल, अनुबंध के शीघ्र समाप्त होने पर योजना पर समर्पण मूल्य उपलब्ध है.
ज़मानती समर्पण मूल्य :
तीन साल या उससे ज्यादा समय तक जारी रखने के बाद पॉलिसी समर्पित की जा सकती है. ज़मानती समर्पण मूल्य पहले साल की प्रीमियमों को छोड़ कर शेष प्रीमियमों का 30% होता है. एकल प्रीमियम पॉलिसी का समर्पण मूल्य भरी गयी अतिरिक्त प्रीमियमों को छोड कर एकल प्रीमियमों का 10 % होता है .
समर्पणों पर निगम की नीत:
व्यावहारिक रूप से निगम एक विशेष समपर्ण मूल्य देता है, जो ज़मानती समर्पण मूल्य के बराबर या उससे अधिक होता है. समर्पण पर देय मूल्य दावे की घटी हुई रकम होती है, जो मृत्यु या भुगतान तिथि पर देय होती है. यह उस अवधि पर, जिस दौरान प्रीमियमें भरी गयी हैं और समर्पण के समय पॉलिसी की अवधि पर निर्भर होता है. कुछ स्थितियों, मसलन् पॉलिसी के जल्दी बंद हो जाने पर देय समर्पण मूल्य भरी गयी प्रीमियमों की रकम से कम होता है.
निगम समय-समय पर अपनी योजनाओं के तहत भुगतानयोग्य समर्पण मूल्य की समीक्षा करता है, जो आर्थिक परिवेश,अनुभव और अन्य कारकों पर आधारित होती है.